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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में तेंदुओं की मौत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. यही वजह है कि सरकार अलर्ट मोड पर है. मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गांधी सागर में तेंदुओं का नया घर तैयार किया जा रहा है.

फेंसिंग का सिलसिला ऐसे ही चलता रहता है
शादाब/मंदसौर. दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लाए गए तेंदुओं ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कूनो नेशनल पार्क में तेंदुओं की मौत के मामले में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. सरकार अलर्ट मोड पर है, सितंबर 2022 से अब तक 8 तेंदुओं की मौत हो चुकी है.
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गांधी सागर में तेंदुओं का नया घर बनाया जा रहा है. गांधी सागर अभयारण्य में तेंदुओं को रखने के लिए उच्च सुरक्षा प्रणाली के साथ सौर ऊर्जा संचालित इलेक्ट्रॉनिक तार बाड़ लगाने का बाड़ा तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस काम के लिए करीब 11 हजार गड्ढे खोदे जाने हैं, जिनमें से अब तक 6 हजार गड्ढे खोदे जा चुके हैं. वन विभाग के मुताबिक अक्टूबर के अंत तक बाड़ लगाने का काम पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल अभयारण्य क्षेत्र में भारी बारिश के कारण काम प्रभावित हो रहा है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेंदुओं के लिए गांधी सागर अभयारण्य में 8900 हेक्टेयर क्षेत्र में उच्च सुरक्षा व्यवस्था के लिए 17 करोड़ रुपये की लागत से सौर ऊर्जा संचालित विद्युत बाड़ लगाई जा रही है और इसके तहत निर्माण कार्य भी चल रहा है।
जल्द ही काम शुरू होगा
शुरुआती दिनों में सामग्री पहुंचने में देरी के कारण निर्माण कार्य में बाधा आ रही थी, लेकिन अब सामग्री आ चुकी है और बारिश के कारण सिविल कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है. हालांकि, फेंसिंग के दौरान पोल खोदने का काम लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है और साथ में अन्य काम भी चल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि बारिश रुकते ही काम शुरू कर दिया जाएगा और तेंदुओं के लिए बाड़ा जल्द से जल्द तैयार करने की कोशिश की जा रही है.
वन विभाग के अधिकारी का बयान
इससे पहले गांधी सागर के आसपास के ग्रामीण तार बाड़ लगाने का विरोध कर रहे थे क्योंकि बाड़ लगने से मवेशी चराने की व्यवस्था बंद होने से वे नाराज थे. वर्तमान स्थिति में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों का कोई विरोध नहीं है, पशुओं को चराने की समस्या को लेकर बैठक की गयी है और वैकल्पिक व्यवस्था भी की गयी है. अब ग्रामीण भी हमारा साथ दे रहे हैं और काम लगातार जारी है. आने वाले दिनों में काम में और अधिक प्रगति देखने को मिलेगी।